1. गोदान – मुंशी प्रेमचंद
भारतीय ग्रामीण समाज और उसकी समस्याओं का गहरा चित्रण करने वाला कालजयी उपन्यास
2. गुनाहों का देवता – धर्मवीर भारती
भावनाओं और मनोविश्लेषण की दृष्टि से विशिष्ट प्रेम-कहानी, हिंदी उपन्यासों की यादगार कृति
3. राग दरबारी – श्रीलाल शुक्ल
गांव, राजनीति और समाज पर तीखा व्यंग्य करने वाला सर्वकालिक चर्चित उपन्यास
4. मैला आँचल – फणीश्वरनाथ ‘रेणु’
ग्रामीण परिवेश, संस्कृति और व्यक्ति की जिजीविषा को बताने वाला सुप्रसिद्ध उपन्यास
5. कर्मभूमि – मुंशी प्रेमचंद
आदर्शवाद और सामाजिक परिवर्तन की भावना का मार्मिक चित्रण
6. पिंजर – अमृता प्रीतम
भारत विभाजन के दर्द और नारी संवेदना पर लिखा शक्तिशाली उपन्यास
7. गबन – मुंशी प्रेमचंद
मध्यवर्गीय समाज की समस्याओं पर केंद्रित उल्लेखनीय कृति
8. यामा – महादेवी वर्मा
छायावादी काव्यधारा की अमर काव्य-पुस्तक, जिसमें संवेदना की अनूठी गहराई है
9. रश्मिरथी – रामधारी सिंह दिनकर
महाभारत के कर्ण पात्र पर आधारित, वीर रस और सामाजिक सन्देश से भरपूर महाकाव्य
10. काशी का अस्सी – काशीनाथ सिंह
बनारस और वहां की संस्कृति का मजाकिया, व्यंग्यात्मक और अत्यंत यथार्थवादी चित्रण
।
इन कृतियों का न केवल हिंदी साहित्य में, बल्कि भारतीय समाज के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विमर्श में भी महत्वपूर्ण स्थान है। इन पुस्तकों को पढ़ना साहित्यिक दृष्टि से समृद्धि और संवेदनात्मक दृष्टि से गहरे अनुभव से गुजरना है।