16 Lallantop Kahaniyan 16 लल्लनटॉप कहानियाँ
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- ISBN13: 9789387409521
- Binding: Paperback
- Publisher: Vani Prakashan
- Pages: 130
- Language: Hindi
- Edition: 1st
- Item Weight: 150GM
- BISAC Subject(s): Sahitya
साल 216 का नवम्बर। इस गुनगुने महीने में 'आज तक' ने एक दो दिवसीय साहित्य उत्सव के बहाने कुछ सरगर्मियाँ पैदा कीं। इन सरगर्मियों को बढ़ाने में एक बड़ा किरदार 'लल्लनटॉप कहानी कॉम्पिटिशन' का भी रहा। यह हिन्दी के इतिहास में पहला मौका था जब साहित्य के किसी समारोह में इस तरह की कोई प्रतियोगिता आयोजित की गयी। कहानी मौके पर ही लिखनी थी - हिन्दी में और देवनागरी लिपि में-आयोजकों द्वारा दी गयी कलम और कॉपी पर। कहानी अपने मनचाहे विषय पर लिखने की छूट थी। सुबह से शाम तक का वक़्त था- एक मौलिक और सर्वथा अप्रकाशित-अप्रसारित कहानी गढ़ने-रचने के लिए। इस प्रक्रिया में देश के अलग-अलग स्थानों से आये करीब 5 कहानीकारों ने हिस्सा लिया और कहानी लिखी। इन कहानियों में से 16 कहानियाँ चुनकर यह किताब बनी है। इस चयन के बारे में बेशक यह कहा जा सकता है कि इसमें कहानीकार नहीं कहानियाँ पढ़ने को मिलेंगी। इस सन्दर्भ में और स्पष्टीकरण आत्मप्रशंसा में ले जायेगा। इसलिए इससे बचते हुए ये कहानियाँ अब आपके सामने हैं...।
अविनाश मिश्र
5 जनवरी 1986 को ग़ाज़ियाबाद में जन्म। शुरुआती शिक्षा और जीवन उत्तर प्रदेश के कानपुर में। आगे की पढ़ाई, लिखाई, संघर्ष और आजीविका के लिए साल 24 से दिल्ली के आसपास रहनवारी और बीच-बीच में दिल्ली से दूर प्रवास। कविता, आलोचना और पत्रकारिता के इलाके़ में सक्रिय। कुछ प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में सेवाएँ दीं और लगभग सभी प्रतिष्ठित प्रकाशन माध्यमों पर रचनाएँ और साहित्यिक पत्रकारिता से सम्बन्धित काम प्रकाशित। ‘अज्ञातवास की कविताएँ’ शीर्षक से कविताओं की पहली किताब साहित्य अकादेमी से इस बरस ही छपकर आयी है। एक उपन्यास भी प्रकाशनाधीन। फ़िलहाल आलोचना की एक किताब पर काम और विश्व कविता और अन्य कलाओं की पत्रिका ‘सदानीरा’ का सम्पादन कर रहे हैं।
5 जनवरी 1986 को ग़ाज़ियाबाद में जन्म। शुरुआती शिक्षा और जीवन उत्तर प्रदेश के कानपुर में। आगे की पढ़ाई, लिखाई, संघर्ष और आजीविका के लिए साल 24 से दिल्ली के आसपास रहनवारी और बीच-बीच में दिल्ली से दूर प्रवास। कविता, आलोचना और पत्रकारिता के इलाके़ में सक्रिय। कुछ प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में सेवाएँ दीं और लगभग सभी प्रतिष्ठित प्रकाशन माध्यमों पर रचनाएँ और साहित्यिक पत्रकारिता से सम्बन्धित काम प्रकाशित। ‘अज्ञातवास की कविताएँ’ शीर्षक से कविताओं की पहली किताब साहित्य अकादेमी से इस बरस ही छपकर आयी है। एक उपन्यास भी प्रकाशनाधीन। फ़िलहाल आलोचना की एक किताब पर काम और विश्व कविता और अन्य कलाओं की पत्रिका ‘सदानीरा’ का सम्पादन कर रहे हैं।