101 Saal Ka Marathon Runner
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- ISBN13: 9789350482827
- Binding: Hardcover
- Publisher: Prabhat
- Pages: 152
- Language: Hindi
- Item Weight: 200
- BISAC Subject(s): Biography
101 साल का मैराथन RUNNER
‘101 साल का मैराथन Runner’ एक शतवर्षीय सिख धावक फौजा सिंह की जीवनी है। भारतीय मूल के फौजा सिंह का जन्म 1 अप्रैल, 1911 को हुआ था। मैराथन धावक होने के साथ-साथ अपने आयु-वर्ग के धावकों में भी वे विश्व रिकॉर्डधारक हैं। फौजा सिंह ने 99 वर्ष की आयु में 2010 लग्जेमबर्ग इंटरफेथ मैराथन पूरी कर विश्व का वृद्धतम अर्ध-मैराथन धावक होने का यश प्राप्त किया, जिस आयु में मनुष्य का उठकर खड़े होना और चल पाना भी दुष्कर होता है, उस आयु में फौजा सिंह ने जो गजब का जज्बा दिखाया है, वह हर व्यक्ति के लिए अनुकरणीय है
यह पुस्तक फौजा सिंह के जीवन के जोश और उनकी अजेय स्फूर्ति पर प्रकाश डालती है। फौजा के लिए ‘असंभव कुछ भी नहीं है’, इसी धारणा के साथ वे 100 वर्ष की आयु में मैराथन दौड़ते हैं।
अद्भुत जिजीविषा, कठोर परिश्रम और साधना का परिचालक है फौजा सिंह का जीवन। हर सामान्य व्यक्ति और विशेषकर खेलप्रेमियों में उत्साह का संचार करनेवाली प्रेरक कृति।
‘101 साल का मैराथन Runner’ एक शतवर्षीय सिख धावक फौजा सिंह की जीवनी है। भारतीय मूल के फौजा सिंह का जन्म 1 अप्रैल, 1911 को हुआ था। मैराथन धावक होने के साथ-साथ अपने आयु-वर्ग के धावकों में भी वे विश्व रिकॉर्डधारक हैं। फौजा सिंह ने 99 वर्ष की आयु में 2010 लग्जेमबर्ग इंटरफेथ मैराथन पूरी कर विश्व का वृद्धतम अर्ध-मैराथन धावक होने का यश प्राप्त किया, जिस आयु में मनुष्य का उठकर खड़े होना और चल पाना भी दुष्कर होता है, उस आयु में फौजा सिंह ने जो गजब का जज्बा दिखाया है, वह हर व्यक्ति के लिए अनुकरणीय है
यह पुस्तक फौजा सिंह के जीवन के जोश और उनकी अजेय स्फूर्ति पर प्रकाश डालती है। फौजा के लिए ‘असंभव कुछ भी नहीं है’, इसी धारणा के साथ वे 100 वर्ष की आयु में मैराथन दौड़ते हैं।
अद्भुत जिजीविषा, कठोर परिश्रम और साधना का परिचालक है फौजा सिंह का जीवन। हर सामान्य व्यक्ति और विशेषकर खेलप्रेमियों में उत्साह का संचार करनेवाली प्रेरक कृति।
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