1000 Aapaatkaal Prashnottari "1000 आपातकाल प्रश्नोत्तरी" (1000 Emergency Quiz) | Intersting Question About National, State and Financial Emergency In India
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- ISBN13: 9789392573941
- Binding: Paperback
- Publisher: Prabhat
- Pages: 450
- Language: Hindi
- Item Weight: 288
- BISAC Subject(s): Defence
ड़क्कीस महीने का आपातकाल 25 जून, 1975 से 21 मार्च, 1977 तक देश पर थोपा गया।
प्रस्तुत पुस्तक में आपातकाल से संबंधित समस्त जानकारी (तथ्यों कौ) वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के रूप में दी गई है। आपातकाल : एक परिचय, इमरजेंसी और भारतीय संविधान, जे.पी. आंदोलन, आपातकाल की पृष्ठभूमि, 12 जून का इलाहाबाद हाई कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय, आपातकाल (25 जून) लगाया जाना, इंदिरा गांधी को तानाशाही, संजय गांधी का आतंक, नसबंदी अभियान, नेताओं की मीसा (MISA) के तहत गिरफ्तारियाँ, जनता के मूल अधिकारों का हनन, आपातकाल के महानायक जे.पी., मोरारजी, अटल, आडवाणी, चंद्रशेखर, अशोक मेहता, पीलू मोदी, चौ. देवीलाल इत्यादि ।
आपातकाल के भूमिगत नेता डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी, नानाजी देशमुख, जॉर्ज फर्नांडिस, आपातकाल में प्रकाशित भूमिगत साहित्य, समाचार-पत्रों पर सेंसशशिप,, आपातकाल और संघ, आपातकाल और मोदी, विदेशों में आपातकाल का विरोध और आपातकाल पर लिखी प्रमुख पुस्तकें इत्यादि पर केंद्रित एक हजार प्रश्न दिए गए हैं और प्रत्येक प्रश्न के साथ चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें से एक सही है। यह पुस्तक लोकतंत्र के प्रति आस्था रखनेवाले असंख्य राष्ट्रप्रेमियों से लेकर सामान्य पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी ।
प्रस्तुत पुस्तक में आपातकाल से संबंधित समस्त जानकारी (तथ्यों कौ) वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के रूप में दी गई है। आपातकाल : एक परिचय, इमरजेंसी और भारतीय संविधान, जे.पी. आंदोलन, आपातकाल की पृष्ठभूमि, 12 जून का इलाहाबाद हाई कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय, आपातकाल (25 जून) लगाया जाना, इंदिरा गांधी को तानाशाही, संजय गांधी का आतंक, नसबंदी अभियान, नेताओं की मीसा (MISA) के तहत गिरफ्तारियाँ, जनता के मूल अधिकारों का हनन, आपातकाल के महानायक जे.पी., मोरारजी, अटल, आडवाणी, चंद्रशेखर, अशोक मेहता, पीलू मोदी, चौ. देवीलाल इत्यादि ।
आपातकाल के भूमिगत नेता डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी, नानाजी देशमुख, जॉर्ज फर्नांडिस, आपातकाल में प्रकाशित भूमिगत साहित्य, समाचार-पत्रों पर सेंसशशिप,, आपातकाल और संघ, आपातकाल और मोदी, विदेशों में आपातकाल का विरोध और आपातकाल पर लिखी प्रमुख पुस्तकें इत्यादि पर केंद्रित एक हजार प्रश्न दिए गए हैं और प्रत्येक प्रश्न के साथ चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें से एक सही है। यह पुस्तक लोकतंत्र के प्रति आस्था रखनेवाले असंख्य राष्ट्रप्रेमियों से लेकर सामान्य पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी ।
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